
Explore India’s Beauty Industry | Exclusive Interview by ExploreWithMahiSanju ब्यूटी इंडस्ट्री में करियर बनाने का सपना देखने वाले बहुत से युवाओं के मन में कई सवाल होते हैं। मेकअप आर्टिस्ट कैसे बनें? अपना सैलून कब खोलना चाहिए? शुरुआती दिनों में क्लाइंट कैसे मिलेंगे? और क्या मेकअप कोर्स करने के बाद नौकरी मिल सकती है? इन्हीं […]
Explore India’s Beauty Industry | Exclusive Interview by ExploreWithMahiSanju
ब्यूटी इंडस्ट्री में करियर बनाने का सपना देखने वाले बहुत से युवाओं के मन में कई सवाल होते हैं। मेकअप आर्टिस्ट कैसे बनें? अपना सैलून कब खोलना चाहिए? शुरुआती दिनों में क्लाइंट कैसे मिलेंगे? और क्या मेकअप कोर्स करने के बाद नौकरी मिल सकती है?
इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए ExploreWithMahiSanju की टीम आगरा के सूर्य नगर स्थित Bulbul Salon & Academy पहुंची।

यहां संजू और माही ने सैलून की ओनर बुलबुल अग्रवाल से उनकी लगभग नौ साल की ब्यूटी इंडस्ट्री जर्नी, फ्रीलांसिंग के अनुभव, सैलून बिजनेस, मेकअप ट्रेनिंग और क्लाइंट मैनेजमेंट के बारे में विस्तार से बातचीत की।
पेश हैं इस इंटरव्यू के प्रमुख सवाल और बुलबुल मैडम के जवाब।
बुलबुल अग्रवाल: लगभग नौ साल पहले जब मैं B.Com कर रही थी, तब मेरा सपना बैंक में PO बनने का था। इसके लिए मैं दिल्ली भी गई और वहां बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी की।
लेकिन पढ़ाई करते समय मुझे महसूस हुआ कि इस फील्ड में मेरा मन नहीं लग रहा है।
मुझे बचपन से ही मेकअप का शौक था। मैं अपनी मम्मी और बहन का मेकअप करती थी और उन्हें तैयार करना मुझे बहुत अच्छा लगता था।
फिर मैंने सोचा कि जिस काम में मेरी दिलचस्पी है, क्यों न उसी में अपना करियर बनाया जाए?
इसके बाद मैंने ब्यूटी और मेकअप इंडस्ट्री में आने का फैसला किया।
बुलबुल अग्रवाल: मैंने दिल्ली और मुंबई से मेकअप की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली।
लेकिन मेरा मानना है कि आप कितने भी बड़े मेकअप आर्टिस्ट से सीख लें, जब तक आपके अंदर खुद की क्रिएटिविटी और हुनर नहीं होगा, तब तक आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
मैं अपने स्टूडेंट्स को भी यही समझाती हूं कि जो हम सिखाते हैं, उसे सीखने के साथ अपना दिमाग भी लगाइए।
मेकअप एक क्रिएटिव फील्ड है। इसमें लगातार प्रैक्टिस और नए प्रयोग करना बहुत जरूरी है।
बुलबुल अग्रवाल: कोर्स पूरा करने के बाद मेरे सामने सबसे बड़ी समस्या पैसों की थी।
मेरे पास इतना बजट नहीं था कि मैं तुरंत अपना बड़ा सैलून या मेकअप स्टूडियो खोल सकूं।
इसलिए मैंने फ्रीलांसिंग से शुरुआत की।
मैंने लगभग दो से ढाई साल तक फ्रीलांस मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम किया।
शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन इसी दौरान मुझे क्लाइंट हैंडलिंग और मेकअप इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव मिला।
बुलबुल अग्रवाल: मैंने आगरा के अलावा जोधपुर, इटावा, एटा और अवागढ़ जैसे शहरों में भी मेकअप का काम किया।
मुझे दूसरे दूर के शहरों से भी बुकिंग की पूछताछ आती थी, लेकिन हर जगह जाना संभव नहीं होता था।
फ्रीलांसिंग में ट्रैवलिंग बहुत ज्यादा करनी पड़ती है। कई बार पूरे दिन में एक ही जगह की बुकिंग संभाल पाती थी।
जब एक ही दिन में चार-पांच बुकिंग आने लगीं, तब मुझे महसूस हुआ कि अब अपना स्थायी सेटअप होना चाहिए।
बुलबुल अग्रवाल: मैंने अपना पहला छोटा सैलून आगरा के कमला नगर में शुरू किया था।
उस समय मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं थे और मैं काफी डरी हुई थी कि सैलून चलेगा भी या नहीं।
लेकिन मेरे मम्मी-पापा ने मुझे बहुत सपोर्ट किया।
उन्होंने मुझे विश्वास दिलाया कि अगर मैं मेहनत करूंगी तो अपना काम आगे बढ़ा सकती हूं।
उन्हीं के सपोर्ट से मैंने अपना पहला सेटअप शुरू किया।
बुलबुल अग्रवाल: शुरुआत में सबसे बड़ी चिंता यही थी कि क्लाइंट आएंगे या नहीं।
सैलून नया था और ज्यादा लोग हमें जानते भी नहीं थे।
पहले एक हफ्ते तक मुझे यही लगता था कि पता नहीं काम कैसे चलेगा।
लेकिन धीरे-धीरे क्लाइंट आने लगे।
मैंने यह भी अनुभव किया कि अगर आपका काम अच्छा है, तो क्लाइंट छोटे से कमरे में भी आपके पास आ सकते हैं।
मेरे कुछ क्लाइंट तो उस समय मेरे घर पर भी मेकअप करवाने आते थे, जब मेरा कोई बड़ा सेटअप नहीं था।
बुलबुल अग्रवाल: शुरुआत में मुझे Justdial से काफी मदद मिली।
पहले मुझे इस तरह की मार्केटिंग सर्विस पर भरोसा नहीं था। लगता था कि पैसे खर्च करने के बाद कोई फायदा होगा भी या नहीं।
लेकिन मम्मी ने कहा कि एक बार कोशिश करके देखो।
फिर मैंने उसमें पैसे लगाए और धीरे-धीरे अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा।
हालांकि मेरा मानना है कि मार्केटिंग से क्लाइंट आपके पास आ सकता है, लेकिन दोबारा तभी आएगा जब उसे आपका काम पसंद आएगा।
बुलबुल अग्रवाल: शुरुआत में मेरा बहुत छोटा सेटअप था।
लगभग डेढ़ से दो साल बाद हमने उसे बढ़ाकर तीन दुकानों तक कर दिया।
लेकिन उसके बाद भी क्लाइंट्स के हिसाब से जगह कम पड़ने लगी।
फिर हमने सूर्य नगर में यह नया सेटअप तैयार किया।
इस नए सैलून को इंटरव्यू के समय लगभग डेढ़ साल हुआ था।
मेरे पति ने इसके डिजाइन, इंटीरियर और कलर कॉम्बिनेशन में बहुत योगदान दिया है।
बुलबुल अग्रवाल: मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है।
शुरुआत में मेरे मम्मी-पापा ने मेरा साथ दिया। फिर मेरी छोटी बहन मेरे साथ काम करने लगी।
शादी के बाद मेरे पति और ससुराल वालों ने भी मुझे पूरा सपोर्ट किया।
उन्होंने कभी मुझे काम छोड़ने के लिए नहीं कहा, बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
आज मैं जो भी कर पा रही हूं, उसमें मेरी मेहनत के साथ परिवार और क्लाइंट्स का भी बहुत बड़ा योगदान है।
बुलबुल अग्रवाल: नहीं, सिर्फ कोर्स करना पर्याप्त नहीं है।
आप किसी भी बड़ी एकेडमी से सीख सकते हैं, लेकिन जब तक खुद प्रैक्टिस नहीं करेंगे, तब तक अच्छा मेकअप आर्टिस्ट नहीं बन पाएंगे।
मेकअप में क्रिएटिविटी बहुत जरूरी है।
हम अपने स्टूडेंट्स को भी कहते हैं कि केवल वही मत करो जो हमने सिखाया है। अपनी तरफ से भी सोचो कि किसी लुक को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।
बुलबुल अग्रवाल: मेरे हिसाब से मेकअप के साथ ब्यूटीशियन की ट्रेनिंग लेना बहुत उपयोगी है।
मैंने भी शुरुआत में मेकअप के साथ ब्यूटी का कोर्स किया था।
कई बार क्लाइंट मेकअप करवाने आती है, लेकिन उसकी आइब्रो या कोई बेसिक ब्यूटी सर्विस बाकी होती है।
अगर आपको वह काम नहीं आता, तो परेशानी हो सकती है।
इसलिए मैं मेकअप आर्टिस्ट को बेसिक ब्यूटी सर्विसेज भी सीखने की सलाह देती हूं।
बुलबुल अग्रवाल: मेरे अनुभव में नेल एक्सटेंशन की डिमांड बढ़ रही है।
कई क्लाइंट किसी खास अवसर पर अपने नेल्स को बेहतर लुक देना चाहती हैं।
हमारे यहां नेल एक्सटेंशन और प्रेस-ऑन नेल्स की सर्विस उपलब्ध है।
मेरे भाई नेल टेक्नीशियन हैं और वह नेल्स का पूरा काम और ट्रेनिंग संभालते हैं।
बुलबुल अग्रवाल: हमारी एकेडमी में मुख्य रूप से तीन तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।
हम कोशिश करते हैं कि स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी अच्छी मिले।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां मेकअप और हेयर स्टाइलिंग की ट्रेनिंग लगभग दो महीने की है।
ब्यूटीशियन कोर्स भी लगभग दो महीने में कवर किया जाता है।
नेल कोर्स की अवधि लगभग 15 दिन रहती है।
हालांकि कोर्स की अवधि इस बात पर भी निर्भर करती है कि स्टूडेंट क्या-क्या सीखना चाहता है।

बुलबुल अग्रवाल: फीस इस बात पर निर्भर करती है कि स्टूडेंट किस लेवल की ट्रेनिंग लेना चाहता है।
हमारे कुछ कोर्स विकल्प लगभग ₹50,000 से शुरू होते हैं।
अगर कोई स्टूडेंट मेकअप, ब्यूटीशियन और नेल्स तीनों की ट्रेनिंग लेना चाहता है, तो पूरा कॉम्बिनेशन कोर्स लगभग ₹1 लाख का है।
नोट: ये फीस इंटरव्यू के समय बताई गई थीं। वर्तमान फीस और कोर्स विवरण के लिए एकेडमी से संपर्क करें।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां आगरा के अलावा दूसरे शहरों से भी स्टूडेंट्स आते हैं।
हमारे पास दुबई और मथुरा से भी स्टूडेंट्स रह चुके हैं।
इंटरव्यू के समय हमारी एक स्टूडेंट हाथरस से रोजाना अप-डाउन करके ब्यूटीशियन कोर्स करने आती थी।
बुलबुल अग्रवाल: मैं मेकअप के एक बैच में लगभग 10 स्टूडेंट्स लेती हूं।
मैं और मेरी बहन मिलकर ट्रेनिंग देते हैं।
हम उतने ही स्टूडेंट्स लेते हैं, जितनों पर अच्छे से ध्यान दे सकें।
मेरी बहन का एक नियम है कि हर स्टूडेंट की प्रैक्टिस को बार-बार चेक करना है।
हम सिर्फ यह नहीं चाहते कि स्टूडेंट्स की संख्या बढ़े। हमारे लिए ट्रेनिंग की क्वालिटी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
बुलबुल अग्रवाल: मैं अपने स्टूडेंट्स से हमेशा स्पष्ट बात करती हूं।
मैं यह नहीं कहती कि कोर्स करने के बाद हर स्टूडेंट को निश्चित रूप से नौकरी मिल जाएगी।
नौकरी मिलना उसकी स्किल्स, प्रैक्टिस, व्यवहार और काम करने की क्षमता पर निर्भर करता है।
जो स्टूडेंट अच्छा काम करते हैं और प्रोफेशनल व्यवहार रखते हैं, उनके लिए अवसर तलाशने में हम मदद करने की कोशिश करते हैं।
लेकिन किसी को झूठी गारंटी देना मुझे सही नहीं लगता।
बुलबुल अग्रवाल: मेरी सबसे बड़ी सलाह यही है कि एकदम से बहुत बड़ा कदम मत उठाइए।
जिंदगी में सीढ़ी-दर-सीढ़ी आगे बढ़ना चाहिए।
अगर आप पहली सीढ़ी से सीधे दसवीं सीढ़ी पर पहुंचने की कोशिश करेंगे, तो परेशानी हो सकती है।
इसलिए पहले सीखिए, फिर अनुभव लीजिए और उसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार बिजनेस बढ़ाइए।
जितनी आपकी आर्थिक क्षमता है, उसी हिसाब से निवेश कीजिए।
बुलबुल अग्रवाल: मैं इसकी सलाह नहीं दूंगी।
दो महीने में आपने ट्रेनिंग ली है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको इंडस्ट्री का पूरा अनुभव हो गया।
पहले कहीं नौकरी कीजिए या फ्रीलांसिंग कीजिए।
क्लाइंट्स को कैसे संभालना है, अलग-अलग स्किन और मेकअप रिक्वायरमेंट को कैसे समझना है, ये सब अनुभव से आता है।
मैंने खुद लगभग दो से ढाई साल तक फ्रीलांसिंग की थी।
उसके बाद अपना सेटअप शुरू किया।
बुलबुल अग्रवाल: बिल्कुल कर सकता है।
मैंने खुद फ्रीलांसिंग से शुरुआत की थी।
मेरे कुछ क्लाइंट मेरे घर पर भी मेकअप करवाने आते थे।
अगर आपके काम की क्वालिटी अच्छी है, तो जरूरी नहीं कि शुरुआत में आपके पास बड़ा स्टूडियो हो।
आप फ्रीलांसिंग या घर से भी शुरुआत कर सकते हैं।
बुलबुल अग्रवाल: सबसे पहले अपनी स्किल्स बेहतर कीजिए।
कई स्टूडेंट्स दो महीने का कोर्स करके तुरंत बुकिंग मिलने की उम्मीद करने लगते हैं।
लेकिन अगर आपने प्रैक्टिस नहीं की, अपना काम लोगों को नहीं दिखाया, तो क्लाइंट आपको बुक क्यों करेगा?
आपको अपनी प्रोफाइल बनानी चाहिए।
अपने किए हुए मेकअप की अच्छी तस्वीरें रखिए, ताकि क्लाइंट आपका काम देख सके।
शुरुआत में कभी-कभी कम रेट पर भी काम करना पड़ सकता है, ताकि लोग आपके काम को जान सकें।
बुलबुल अग्रवाल: आज के समय में ऑनलाइन प्रोफाइल बहुत महत्वपूर्ण है।
पहले लोग हमें आमने-सामने देखकर जानते थे, लेकिन अब बहुत से लोग Instagram और दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से हमें पहचानते हैं।
अगर किसी ब्राइडल क्लाइंट को आपका काम देखना है और आपकी प्रोफाइल पर मेकअप की तस्वीरें ही नहीं हैं, तो वह आप पर भरोसा कैसे करेगी?
इसलिए अपनी प्रोफाइल व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी है।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां अलग-अलग माध्यमों से बुकिंग आती हैं।
कुछ क्लाइंट Instagram से आते हैं, कुछ Google से, कुछ फोन कॉल के जरिए और कुछ पुराने क्लाइंट्स के रेफरेंस से।
हमारे लिए रेफरेंस बहुत महत्वपूर्ण हैं।
कई बार क्लाइंट मेकअप पूरा होने के बाद बताती है कि वह किसके कहने पर हमारे पास आई थी।
जब किसी को हमारा काम अच्छा लगता है, तो वह दूसरों को भी हमारे बारे में बताता है।
बुलबुल अग्रवाल: स्टूडेंट्स भी अलग-अलग माध्यमों से आते हैं।
कई बार हमारे पुराने स्टूडेंट्स दूसरे लोगों को हमारी एकेडमी के बारे में बताते हैं।
अगर किसी स्टूडेंट को यहां ट्रेनिंग अच्छी लगी, तो वह दूसरों को भी यहां सीखने की सलाह देता है।
इस तरह रेफरेंस से भी एडमिशन के लिए पूछताछ आती है।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां अलग-अलग अवसरों के लिए मेकअप किया जाता है।
इनमें पार्टी मेकअप, ब्राइडल मेकअप, इंगेजमेंट, रिसेप्शन, हल्दी, कॉकटेल और संगीत मेकअप शामिल हैं।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां पार्टी मेकअप की कीमत लगभग ₹3,000 से ₹4,000 तक रहती है।
यह क्लाइंट की रिक्वायरमेंट और मेकअप के अनुसार बदल सकती है।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां ब्राइडल मेकअप लगभग ₹15,000 से शुरू होकर ₹25,000 तक जाता है।
यह मेकअप पैकेज और क्लाइंट की जरूरतों पर निर्भर करता है।
बुलबुल अग्रवाल: हां, हम वेन्यू पर जाकर भी मेकअप करते हैं।
इसके लिए लोकेशन, दूरी और एरिया के अनुसार चार्ज तय होते हैं।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे यहां प्री-ब्राइडल पैकेज लगभग ₹10,000 से शुरू होते हैं।
इसके बाद क्लाइंट जितनी अतिरिक्त सर्विसेज लेना चाहती है, उसी के अनुसार कीमत बढ़ती है।
केमिकल हेयर ट्रीटमेंट जैसी सर्विसेज अलग होती हैं।
नोट: ऊपर दी गई सभी कीमतें इंटरव्यू के समय की हैं। वर्तमान कीमतें अलग हो सकती हैं।
बुलबुल अग्रवाल: हमारे पास कई ऐसी क्लाइंट्स आती हैं जिनका पहले कहीं मेकअप खराब हुआ होता है।
कई बार वे बताती हैं कि उनकी इंगेजमेंट पर मेकअप अच्छा नहीं हुआ था और अब शादी के मेकअप को लेकर डर लग रहा है।
ऐसी क्लाइंट्स को हम सबसे पहले आराम से समझाते हैं।
हम उनकी बात सुनते हैं और उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश करते हैं कि उनकी जरूरतों को ध्यान से समझा जाएगा।
जब मेकअप शुरू होता है और उन्हें अपना लुक पसंद आने लगता है, तो उनका डर कम होने लगता है।
बुलबुल अग्रवाल: मैं क्लाइंट को समझाती हूं कि मेकअप से किसी व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह दूसरे व्यक्ति जैसा नहीं बनाया जा सकता।
अगर कोई कैटरीना कैफ की तस्वीर दिखाती है, तो हम उससे प्रेरित मेकअप लुक तैयार करने की कोशिश कर सकते हैं।
लेकिन उसके चेहरे के प्राकृतिक फीचर्स अलग हैं।
मेकअप का काम चेहरे की खूबसूरती और फीचर्स को बेहतर तरीके से उभारना है, न कि किसी को बिल्कुल दूसरा व्यक्ति बना देना।
बुलबुल अग्रवाल: मैं उन्हें कहती हूं कि अगर आपको कहीं अच्छा डिस्काउंट मिल रहा है, तो आप वहां की सर्विस भी देख सकती हैं।
मैं किसी दूसरे मेकअप आर्टिस्ट या सैलून के काम को खराब नहीं कहती।
हर कोई अपना काम कर रहा है।
हमारा ध्यान अपनी सर्विस और क्वालिटी पर रहता है।
मैं नहीं चाहती कि अपने काम की तारीफ करने के लिए किसी दूसरे के काम की बुराई करूं।
बुलबुल अग्रवाल: मेरे अनुभव में बार-बार नौकरी बदलने से कर्मचारी की प्रोफेशनल छवि प्रभावित हो सकती है।
मैं मानती हूं कि सैलरी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी जरूरतों के लिए काम करता है।
लेकिन किसी जगह काम करते हुए सीखना, अपनी स्किल्स बेहतर करना और जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।
मैं कर्मचारियों को सलाह दूंगी कि वे अपने करियर को लंबी अवधि के नजरिए से देखें।
बुलबुल अग्रवाल: जब कोई कर्मचारी नौकरी के लिए संपर्क करता है, तो मैं सबसे पहले पूछती हूं कि उसने पहले कहां काम किया है।
फिर पूछती हूं कि उसने पिछली नौकरी क्यों छोड़ी।
इससे उसके अनुभव और काम करने के तरीके को समझने में मदद मिलती है।
मेरे लिए स्किल्स के साथ कर्मचारी का व्यवहार और सीखने की इच्छा भी महत्वपूर्ण है।
बुलबुल अग्रवाल: सैलून में कर्मचारी की गलती का असर क्लाइंट और सैलून की प्रतिष्ठा पर पड़ सकता है।
इसलिए गलतियों को सुधारना जरूरी है।
हम कर्मचारियों को समझाने की कोशिश करते हैं कि गलती कहां हुई और अगली बार उसे कैसे रोका जा सकता है।
हमारा उद्देश्य उनसे झगड़ा करना नहीं, बल्कि उनके काम को बेहतर बनाना होता है।
बुलबुल अग्रवाल: ब्यूटी इंडस्ट्री में करियर बनाने के अवसर हैं, लेकिन मेरी सलाह है कि जल्दबाजी न करें।
दो महीने का कोर्स करके तुरंत बड़ा सैलून खोलने की कोशिश न करें।
पहले काम सीखें, प्रैक्टिस करें और अनुभव लें।
अगर आप अपनी स्किल्स और क्लाइंट हैंडलिंग को मजबूत करेंगे, तो आगे बढ़ने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाएंगे।
बुलबुल अग्रवाल: हां, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेना उपयोगी हो सकता है।
इससे अपने काम को दूसरे लोगों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
साथ ही यह समझने में मदद मिलती है कि हमारी स्किल्स किस स्तर पर हैं और हमें कहां सुधार करना चाहिए।
कॉम्पिटिशन में भाग लेने से आत्मविश्वास भी बढ़ सकता है।
बुलबुल अग्रवाल: हां, त्योहारों के समय हम अपने सैलून में मेहंदी आर्टिस्ट को काम करने का अवसर देते हैं।
हम खास तौर पर ऐसे लोगों को अवसर देने की कोशिश करते हैं जो अच्छी मेहंदी लगाना जानते हैं, लेकिन किसी कारण से घर से बाहर जाकर काम नहीं कर पाते।
यह नियमित सर्विस नहीं है। हम त्योहारों के दौरान इस तरह की व्यवस्था करते हैं।
इससे उन कलाकारों को अपना हुनर दिखाने और कमाई करने का अवसर मिल सकता है।
Bulbul Salon & Academy के इस विजिट में संजू और माही को सैलून का इंटीरियर, कलर कॉम्बिनेशन और ब्राइडल सेटअप काफी पसंद आया।
इंटरव्यू के दौरान यह भी सामने आया कि बुलबुल मैडम के व्यवसाय में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है।
उनकी बहन मेकअप ट्रेनिंग और क्लाइंट हैंडलिंग में सहयोग करती हैं, जबकि उनके भाई नेल्स से जुड़ी सर्विस और ट्रेनिंग संभालते हैं।
बुलबुल मैडम ने बताया कि उनके पति ने सैलून के वर्तमान डिजाइन और इंटीरियर को तैयार करने में विशेष भूमिका निभाई।
इस बातचीत में सबसे महत्वपूर्ण बात रही उनका Skill, Practice, Experience और Quality पर लगातार जोर देना।
बुलबुल अग्रवाल की कहानी उन लोगों के लिए उपयोगी है जो मेकअप आर्टिस्ट बनना चाहते हैं या भविष्य में अपना सैलून खोलने की योजना बना रहे हैं।
उनके अनुभव से यह समझ आता है कि सिर्फ कोर्स करना या बड़ा सेटअप तैयार कर लेना ही पर्याप्त नहीं है।
एक प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट के लिए लगातार प्रैक्टिस, क्लाइंट हैंडलिंग, ऑनलाइन पोर्टफोलियो और वास्तविक अनुभव भी महत्वपूर्ण हैं।
वहीं सैलून बिजनेस शुरू करने वालों के लिए उनकी सलाह है कि अपनी आर्थिक क्षमता और अनुभव के अनुसार धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
ExploreWithMahiSanju के Explore India’s Beauty Industry टूर के माध्यम से हम ऐसी ही वास्तविक कहानियां सामने ला रहे हैं, ताकि ब्यूटी इंडस्ट्री में करियर बनाने वाले विद्यार्थी और नए उद्यमी अनुभवी प्रोफेशनल्स से सीख सकें।
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यह प्रश्नोत्तर लेख Bulbul Agarwal के वीडियो इंटरव्यू पर आधारित है। पढ़ने में आसानी के लिए सवाल-जवाब की भाषा संपादित और संक्षिप्त की गई है। यह शब्दशः ट्रांसक्रिप्ट नहीं है।
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